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इतनी मजेदार होती है मोती बनने की प्रक्रिया।

हेलो दोस्तों

आपने तो मोतियों की चमकदार माला जरूर देखी होगी। श्वेत वर्ण लिए चमकदार माला मानो सभी लोगों के आकर्षण का केंद्र है। आज स्त्रियां सौंदर्य प्रसाधन के रूप में मोतियों की माला का काफी मात्रा में उपयोग कर रही हैं। लेकिन दोस्तों क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर यह श्वेत चमकदार मोती आते कहां से हैं।
moti kise bante hin
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चलिए दोस्तों आज हम जानेंगे कि आखिर मोतियों की माला आते कहां से हैं। मोतियों के प्राप्ति का स्त्रोत घेंघा है। घेंघा एक विशेष प्रकार का समुद्री जीव होता है जो प्राकृतिक रूप से मोती का निर्माण करता है। घेंघा एक कठोर परत के अंदर अपने आप को सुरक्षित रखता रखता है। उस कठोर परत को शीप कहते हैं। जब इन शीपों में छोटे-छोटे छेद हो जाते हैं तो रेत के कण शीप के अंदर पहुंच जाते हैं और घेंघे के शरीर के ऊपर एकत्रित हो जाते हैं। तत्पश्चात एकत्रित घूल के कण एक विशेष प्रकार के चमकदार श्वेत गोल ठोस में परिवर्तित हो जाते हैं। यह ठोस कैल्शियम कार्बोनेट का बना होता है। जो घेंघे के ही शरीर से उत्सर्जित होता है। इस चमकदार ठोस को ही मोती कहते हैं। ज्यादातर मोती गोल ही होते हैं। मोती निर्माण के पश्चात मछुआरों द्वारा खोल को हटाकर मोती निकाल लिए जाते हैं।

कैसे होता है मोतियों का उत्पादन।

वर्तमान युग में मोतियों की मांग को देखते हुए मोतियों का उत्पादन हो रहा है। इसके अंतर्गत घेंघों का पालन किया जाता है तथा उनकी बाहरी ठोस परत जिसे सीप कहते हैं में कृत्रिम रूप से छिदृ कर दिए जाते हैं। तथा रेत आदि के कण छिदृ से सीप के अंदर प्रवेश करा दिए जाते हैं। जिससे अत्यधिक मात्रा में मोतियों का निर्माण होता है।
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दोस्तों आज आपने जाना मोती निर्माण की एक शानदार प्रक्रिया।
दोस्तों कैसा लगा आपको हमारा यह लेख एक बार जरूर बताएं।
धन्यवाद।


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